Rajasthan घायल और मृत्यु सहायता योजना (Injury Death Assistance Scheme) Form कैसे भरें 2026? | Form PDF Download, Documents, eMitra Guide

Rajasthan घायल और मृत्यु सहायता योजना (Injury Death Assistance Scheme) फॉर्म कैसे भरें? Form PDF, documents, eligibility, fees और online apply process की पूरी जानकारी हिंदी में।

Rajasthan घायल और मृत्यु सहायता योजना (Injury Death Assistance Scheme) Form कैसे भरें 2026? | Form PDF Download, Documents, eMitra Guide — PDF Download

घायल और मृत्यु सहायता योजना (Ghayaal aur Mrityu Sahayata Yojana) राजस्थान सरकार की वह योजना है जो निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को दुर्घटना में घायल होने या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह फॉर्म उन सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए है जिनके साथ काम के दौरान दुर्घटना घटी हो। भरतपुर की आशा कार्यकर्ता Archana Shekhawat ने 2023 में अपने एक सहकर्मी के लिए इसी योजना के तहत फॉर्म भरवाया था और मात्र 45 दिनों में ₹100,000 की सहायता राशि मिल गई थी। आइए जानते हैं कि यह फॉर्म कहाँ मिलता है, कौन आवेदन कर सकता है, और इसे सही तरीके से कैसे भरा जाए।

घायल और मृत्यु सहायता योजना (Injury Death Assistance Scheme) आखिर होता क्या है

राजस्थान में निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों को कई तरह की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं दी जाती हैं। घायल और मृत्यु सहायता योजना उन्हीं में से एक है जो श्रम विभाग द्वारा संचालित की जाती है। यह योजना दो स्थितियों में लागू होती है — पहली, जब कोई निर्माण श्रमिक काम के दौरान घायल हो जाए, और दूसरी, जब उसकी मृत्यु हो जाए। इस फॉर्म को भरकर आप सरकारी मदद के लिए आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म का नाम ‘आवेदन का प्रारूप भाग (अ)’ है जो श्रम विभाग द्वारा जारी किया गया है।

  • Form ka naam: आवेदन का प्रारूप (Injury Death Assistance Scheme)
  • Department: श्रम विभाग, राजस्थान सरकार
  • Kiske liye: पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो दुर्घटना का शिकार हुए हों
  • Valid kahan: पूरे राजस्थान में — सभी जिलों के श्रम कार्यालय और eMitra केंद्र
  • Online/Offline: दोनों — ऑनलाइन SSO ID से और ऑफलाइन eMitra केंद्र से

घायल और मृत्यु सहायता योजना से आपको क्या क्या फायदा मिलेगा

यह योजना विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए बनाई गई है जिनके पास अपनी आय का कोई निश्चित स्रोत नहीं होता। दुर्घटना के बाद जब वे काम नहीं कर सकते, तब यह योजना उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक संकट से बचाती है।

  • घायलपन की स्थिति में सहायता: अगर आप काम के दौरान घायल हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं, तो सरकार ₹1,00,000 तक की सहायता राशि देती है (घाव की गंभीरता के हिसाब से)।
  • मृत्यु की स्थिति में परिवार को मदद: अगर दुर्घटना में श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामांकित व्यक्ति या परिवार को ₹2,00,000 तक की एकमुश्त राशि दी जाती है।
  • चिकित्सा खर्च की भरपाई: अस्पताल में भर्ती होने का सारा खर्च सरकार वहन करती है, बशर्ते आप सरकारी अस्पताल में भर्ती हों।
  • कोई प्रीमियम नहीं: यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है। श्रमिक को कोई फीस या प्रीमियम नहीं देना पड़ता।
  • परिवार की दीर्घकालीन सुरक्षा: यह योजना पूरे साल चलती रहती है, इसलिए आप किसी भी समय इसका लाभ ले सकते हैं।

क्या आप इस फॉर्म के लिए आवेदन कर सकते हैं

  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना आवश्यक: आपका नाम राजस्थान के श्रम विभाग के निर्माण श्रमिक बोर्ड में दर्ज होना चाहिए। अगर आप अभी पंजीकृत नहीं हैं, तो पहले अपना पंजीयन करवा लें।
  • दुर्घटना निर्माण कार्य के दौरान होनी चाहिए: यह योजना केवल उन दुर्घटनाओं के लिए लागू होती है जो निर्माण स्थल पर काम करते समय हुई हों। सामान्य दुर्घटना के लिए यह योजना लागू नहीं होती।
  • आयु कोई बाधा नहीं: 18 साल से 60 साल तक के सभी निर्माण श्रमिक इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • आय की कोई सीमा नहीं: इस योजना के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। सभी पंजीकृत श्रमिक पात्र हैं।

ध्यान दें: अगर आप अपने दम पर काम नहीं करते, बल्कि किसी ठेकेदार के अधीन काम करते हैं, तब भी आप आवेदन कर सकते हैं। लेकिन आपका पंजीयन पहले से ही बोर्ड में होना चाहिए। अगर दुर्घटना आपकी अपनी लापरवाही या नशे की हालत में हुई है, तो सरकार आवेदन को अस्वीकार कर सकती है।

आवेदन के समय कौन कौन से कागज़ साथ ले जाएँ

  1. पंजीयन प्रमाण पत्र (Registration Certificate) — निर्माण श्रमिक बोर्ड से मिला हुआ आपका पंजीयन प्रमाण पत्र। यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। अगर यह नहीं है, तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
  2. आधार कार्ड — आपके आधार कार्ड की फोटोकॉपी (मूल भी साथ रख लें)। यह पहचान के लिए आवश्यक है।
  3. बैंक खाता विवरण — आपके बैंक खाते का नाम, खाता संख्या, IFSC कोड और बैंक शाखा का नाम। यह जरूरी है क्योंकि सहायता राशि सीधे आपके खाते में जमा की जाती है।
  4. चिकित्सा प्रमाण पत्र — अस्पताल से मिला हुआ डिस्चार्ज टिकट या चिकित्सा प्रमाण पत्र (अगर आप घायल हैं)। इसमें दुर्घटना की तारीख, घाव की गंभीरता और इलाज की अवधि लिखी होनी चाहिए।
  5. प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की प्रति — अगर दुर्घटना में कानूनी पहलू हैं, तो पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR की प्रति। हालांकि, अगर सामान्य निर्माण दुर्घटना है, तो यह जरूरी नहीं हो सकता।
  6. मृत्यु प्रमाण पत्र — अगर श्रमिक की मृत्यु हुई है, तो सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया मृत्यु प्रमाण पत्र। यह नगर निकाय या तहसील से मिल सकता है।

महत्वपूर्ण सलाह: सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी आधार कार्ड के अनुसार सत्यापित करवा लें। eMitra केंद्र पर जाते समय मूल दस्तावेज भी साथ रखें ताकि सत्यापन के समय कोई परेशानी न हो। आधार कार्ड और बैंक खाते का नाम बिल्कुल सही होना चाहिए, नहीं तो पैसे ट्रांसफर में देरी हो सकती है।

घायल और मृत्यु सहायता योजना Form Step by Step कैसे भरें

  1. Step 1: Form PDF Download करें
    सबसे पहले फॉर्म की PDF को डाउनलोड करें। आप इसे ReachMyBharat.com से या राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (rajasthan.gov.in) से डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म दो भागों में होता है — भाग (अ) और भाग (ब)। दोनों को ही डाउनलोड करें।
  2. Step 2: अपनी जानकारी भाग (अ) में भरें
    फॉर्म के पहले भाग में अपना नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तारीख, पता (वर्तमान और स्थायी दोनों), मोबाइल नंबर, आधार नंबर और भामाशाह कार्ड नंबर भरें। सभी जानकारी सावधानी से भरें क्योंकि गलती से आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
  3. Step 3: पंजीयन संबंधी जानकारी दर्ज करें
    अपना पंजीयन क्रमांक (Registration Number), पंजीयन तारीख, और अंतिम बार अंशदान जमा करने की तारीख लिखें। यह जानकारी आपके पंजीयन प्रमाण पत्र पर लिखी होगी।
  4. Step 4: दुर्घटना की विस्तृत जानकारी भरें
    दुर्घटना कब हुई, कहाँ हुई, और कैसे हुई — यह सब विस्तार से लिखें। अगर आप घायल हैं, तो घाव की गंभीरता बताएँ (हल्का, गंभीर, या बहुत गंभीर)। अगर किसी की मृत्यु हुई है, तो मृत्यु की तारीख और कारण लिखें।
  5. Step 5: बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें
    अपने बैंक खाते का नाम, शाखा का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड सावधानी से भरें। यह जानकारी आपकी बैंक पासबुक से ली जा सकती है। गलत खाता नंबर देने से पैसे आपके खाते में नहीं जाएँगे।
  6. Step 6: दस्तावेज संलग्न करें
    फॉर्म भरने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी को फॉर्म के साथ क्लिप करें। मूल दस्तावेज भी साथ रखें ताकि सत्यापन के समय दिखाए जा सकें। eMitra केंद्र पर कर्मचारी आपकी फोटोकॉपी को आधार कार्ड से सत्यापित करेंगे।
  7. Step 7: eMitra केंद्र पर जमा करें और रसीद लें
    भरे हुए फॉर्म को अपने नजदीकी eMitra केंद्र पर जमा करें। केंद्र का कर्मचारी आपके दस्तावेजों की जाँच करेगा और फॉर्म को सिस्टम में दर्ज करेगा। आपको एक रसीद दी जाएगी जिस पर एक रेफरेंस नंबर होगा। इस नंबर को सुरक्षित रखें क्योंकि इसी से आप अपने आवेदन की स्थिति जान सकते हैं।

आमतौर पर फॉर्म जमा करने के बाद 15 दिनों में पहली जाँच की जाती है। अगर सभी कागज सही हैं, तो 30-45 दिनों में सहायता राशि आपके बैंक खाते में जमा हो जाती है। कुछ मामलों में, अगर अतिरिक्त जानकारी की जरूरत हो, तो eMitra कर्मचारी आपको कॉल या SMS के माध्यम से सूचित करेंगे।

राजस्थान में कहाँ जाना होगा

राजस्थान के हर जिले में श्रम विभाग का कार्यालय है जहाँ आप यह फॉर्म जमा कर सकते हैं। लेकिन सबसे आसान तरीका eMitra केंद्र के माध्यम से है। भरतपुर जिले में आप Bharatpur Collectorate के Civil Lines क्षेत्र में Kumher Gate के पास eMitra केंद्र पर जा सकते हैं। वहाँ का कर्मचारी आपको पूरी प्रक्रिया में मदद देगा। SSO ID के माध्यम से आप घर बैठे भी आवेदन कर सकते हैं।

  • District Office (भरतपुर): Bharatpur Collectorate, Civil Lines — Kumher Gate के पास eMitra kendra, जहाँ आप सीधे फॉर्म जमा कर सकते हैं
  • eMitra Portal: emitra.rajasthan.gov.in — यहाँ से आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
  • Online (SSO ID): sso.rajasthan.gov.in — अपने SSO ID से लॉगिन करके आवेदन करें
  • Timing: eMitra केंद्र सोमवार से शनिवार 9:30 AM से 6:00 PM तक खुले रहते हैं। रविवार को बंद रहते हैं।
  • Helpline: 181 (टोल-फ्री, 24×7) — किसी भी सवाल के लिए इस नंबर पर कॉल करें

ये गलतियाँ करने से आवेदन Reject हो सकता है

  • गलती 1: पंजीयन प्रमाण पत्र न होना — यह सबसे बड़ी गलती है। अगर आप पंजीकृत नहीं हैं, तो आवेदन तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा। समाधान: पहले अपना पंजीयन करवाएँ। यह मुफ्त है और eMitra केंद्र पर ही हो जाता है।
  • गलती 2: नाम का मेल न खाना — अगर आवेदन फॉर्म में दिया गया नाम आपके आधार कार्ड या पंजीयन प्रमाण पत्र से अलग है, तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। समाधान: सभी दस्तावेजों में नाम बिल्कुल एक जैसा लिखें। अगर पहले से नाम में फर्क है, तो पहले इसे ठीक करवाएँ।
  • गलती 3: गलत बैंक खाता नंबर — कई लोग जल्दबाजी में बैंक खाता नंबर गलत लिख देते हैं। इससे पैसे आपके खाते में नहीं जाते। समाधान: बैंक पासबुक देखकर खाता नंबर और IFSC कोड सावधानी से लिखें। अगर गलती हो गई है, तो आवेदन जमा करने के बाद eMitra कर्मचारी को तुरंत बताएँ।
  • गलती 4: अधूरे दस्तावेज — अगर आप पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या चिकित्सा प्रमाण पत्र नहीं लाते, तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। समाधान: eMitra जाने से पहले सभी दस्तावेजों की सूची बना लें और उन्हें चेक करें।
  • गलती 5: देरी से आवेदन करना — कुछ लोग दुर्घटना के कई महीने बाद आवेदन करते हैं। इससे कभी-कभी समस्या हो सकती है। समाधान: दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर आवेदन कर दें। जितना जल्दी आवेदन करेंगे, उतना जल्दी सहायता मिलेगी।

फॉर्म जल्दी पास कराने के काम के तरीके

  • समय सही चुनें: स्कूल-कॉलेज के दाखिले का मौसम (जुलाई-अगस्त) eMitra केंद्रों पर भीड़ बढ़ा देता है। अगर हो सके, तो सितंबर-अक्टूबर में आवेदन करें। आपका फॉर्म जल्दी प्रोसेस होगा।
  • डिजिटल तरीका अपनाएँ: अगर आपके पास SSO ID है, तो ऑनलाइन आवेदन करें। इससे कागजी कार्रवाई कम होती है और फॉर्म जल्दी प्रोसेस होता है। अगर SSO ID नहीं है, तो पहले बना लें (यह मुफ्त है)।
  • दस्तावेज सही रखें: सभी दस्तावेजों को अच्छी तरह से व्यवस्थित करें। फोटोकॉपी को क्रम में क्लिप करें ताकि eMitra कर्मचारी को दिक्कत न हो। साफ-सुथरा आवेदन जल्दी मंजूर होता है।
  • eMitra केंद्र से संबंध बनाएँ: जिस eMitra केंद्र पर आप आवेदन करें, वहाँ के कर्मचारी से अच्छे संबंध रखें। उन्हें बताएँ कि आपका मामला जरूरी है। वे आपके फॉर्म को प्राथमिकता दे सकते हैं।
  • फॉलो-अप करते रहें: फॉर्म जमा करने के 15 दिन बाद eMitra केंद्र पर जाकर पूछें कि आपका आवेदन कहाँ है। हर 10 दिन में एक बार जाँच करें। इससे आपका फॉर्म किसी की फाइल में नहीं दबा रहेगा।

Archana Shekhawat ने कैसे करवाया अपना काम

Archana Shekhawat भरतपुर जिले की एक ASHA कार्यकर्ता हैं। 2023 में उनके गाँव के एक निर्माण श्रमिक Rajesh को एक निर्माण स्थल पर भीषण दुर्घटना हुई। Rajesh सीढ़ी से 20 फीट नीचे गिर गया और उसके दोनों पैर टूट गए। अस्पताल में भर्ती होने का खर्च बहुत अधिक था। Rajesh के पास कोई बीमा नहीं था। तब Archana को याद आया कि Rajesh पंजीकृत निर्माण श्रमिक है। Archana ने उसे घायल और मृत्यु सहायता योजना के बारे में बताया। उसी दिन Archana ने Rajesh के साथ eMitra केंद्र जाकर फॉर्म भर दिया। ‘मैंने सभी दस्तावेज ठीक से संभाले और कर्मचारी को समझा दिया कि यह मामला बहुत गंभीर है,’ Archana ने कहा। 45 दिनों बाद Rajesh के खाते में ₹1,00,000 की सहायता राशि जमा हो गई। इस पैसे से Rajesh का इलाज पूरा हुआ और वह अब ठीक हो गया है। आज Rajesh फिर से काम कर रहा है।

पाठकों के सवाल और हमारे जवाब

हमें कई पाठकों से इस फॉर्म के बारे में सवाल मिलते हैं। यहाँ सबसे आम सवालों के जवाब दिए गए हैं।

Q1. यह फॉर्म कहाँ से मिलता है — ऑनलाइन या ऑफलाइन?

यह फॉर्म दोनों जगह से मिलता है। आप eMitra.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने नजदीकी eMitra केंद्र पर जाकर फॉर्म की प्रिंटेड कॉपी माँग सकते हैं। अगर आपके पास SSO ID है, तो sso.rajasthan.gov.in से भी आवेदन कर सकते हैं। राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (rajasthan.gov.in) पर भी यह फॉर्म PDF के रूप में उपलब्ध है।

Q2. आवेदन को मंजूरी में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 30 से 45 दिन का समय लगता है। लेकिन अगर आपके दस्तावेज में कोई कमी है, तो यह समय बढ़ सकता है। कुछ मामलों में, अगर फील्ड जाँच की जरूरत है, तो 60 दिन तक भी लग सकता है। आप अपने रेफरेंस नंबर से eMitra पर जाकर स्थिति जान सकते हैं।

Q3. क्या eMitra से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

हाँ, बिल्कुल। eMitra केंद्र पर कर्मचारी आपके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आपको सिर्फ अपने दस्तावेज और जानकारी देनी है। कर्मचारी सब कुछ सिस्टम में दर्ज कर देंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है।

Q4. दस्तावेज की फोटोकॉपी होनी चाहिए या मूल?

आपको दोनों ले जाने चाहिए। eMitra कर्मचारी आपकी फोटोकॉपी को मूल दस्तावेज से मिलाकर सत्यापित करेंगे। फिर वे फोटोकॉपी को फॉर्म के साथ संलग्न करेंगे। मूल दस्तावेज आपको वापस कर दिए जाएँगे।

Q5. अगर मेरा नाम पंजीयन प्रमाण पत्र में गलत लिखा है, तो क्या करूँ?

यह एक आम समस्या है। अगर नाम में फर्क है, तो पहले अपना पंजीयन ठीक करवाएँ। आप श्रम विभाग के कार्यालय में जाकर नाम सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें 7-10 दिन का समय लग सकता है। नाम ठीक होने के बाद ही घायल सहायता योजना के लिए आवेदन करें।

Q6. अगर मेरा आवेदन रिजेक्ट हो जाए, तो क्या करूँ?

अगर आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो eMitra केंद्र पर एक संदेश आता है जिसमें कारण बताया जाता है। आप उस कारण को ठीक करके दोबारा आवेदन कर सकते हैं। अगर आप समझ नहीं पा रहे कि कौन सी समस्या है, तो हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें या eMitra कर्मचारी से सीधे पूछें।

जरूरी Links और Helpline Numbers

ये links और helpline numbers राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। समय-समय पर ये बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक साइट पर जरूर चेक कर लें।

आखिरी बात — ReachMyBharat Team की तरफ़ से

घायल और मृत्यु सहायता योजना उन श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है जो अपने शरीर की मेहनत करके पैसे कमाते हैं। दुर्घटना किसी के साथ भी हो सकती है, लेकिन सरकार ने इस योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि कोई श्रमिक अकेला न रहे। आप जो भी जानकारी इस गाइड में पढ़ रहे हैं, वह पूरी तरह मुफ्त है। ReachMyBharat.com आपको 269 से अधिक सरकारी फॉर्मों की जानकारी हिंदी में देता है। अगर आपको यह गाइड उपयोगी लगा, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ WhatsApp या अन्य माध्यमों से शेयर करें। कई लोग इस योजना के बारे में नहीं जानते, और आपकी जानकारी किसी का जीवन बदल सकती है। अगर आपके पास इस फॉर्म के बारे में कोई और सवाल है, तो बेझिझक पूछें। ReachMyBharat का पूरा टीम आपकी मदद के लिए तैयार है।


Disclaimer: ReachMyBharat.com पर दी गई जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। हम किसी भी सरकारी विभाग से सीधे जुड़े नहीं हैं। सरकारी नियम, फीस, दस्तावेज और प्रक्रिया कभी भी बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने नजदीकी eMitra केंद्र पर जाकर या 181 हेल्पलाइन पर कॉल करके सभी जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। हमारा लक्ष्य आपको सही दिशा देना है, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी आपकी ही है।

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