राजस्थान के पुष्कर शहर के रहने वाले सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने हिंद महासागर के द्वीप देश सेशेल्स में अपनी कला का जादू बिखेरा है। उनकी बनाई रेत की कलाकृति ने वहां खूब तारीफ बटोरी और राजस्थान समेत पूरे देश का नाम रोशन किया।
कौन हैं अजय रावत?
अजय रावत पुष्कर के रहने वाले हैं — वही पुष्कर जो अपने मेले और धार्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। अजय ने सैंड आर्ट को अपना जुनून और पेशा दोनों बनाया है। रेत पर ऐसी कलाकृतियां बनाना जो देखने वालों को अचंभे में डाल दें — यही उनकी खासियत है। देश में पहले भी वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन सेशेल्स में उनकी यह उपलब्धि उनके करियर की एक बड़ी पहचान बन गई है।
सेशेल्स में क्या बनाया?
सेशेल्स की खूबसूरत समुद्री रेत पर अजय रावत ने एक शानदार कलाकृति तैयार की। रेत से बनी यह आर्ट अपनी बारीकी और भव्यता के लिए चर्चा में रही। सेशेल्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के एक छोटे शहर के कलाकार का इस तरह अपनी छाप छोड़ना अपने आप में खास बात है।
- अजय रावत राजस्थान के पुष्कर के निवासी हैं।
- सेशेल्स में उन्होंने सैंड आर्ट का प्रदर्शन किया।
- उनकी कलाकृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
- यह उनकी एक उल्लेखनीय अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि मानी जा रही है।
राजस्थान के लिए क्यों है खास?
राजस्थान को वैसे तो रेगिस्तान की धरती कहा जाता है, लेकिन यहां के लोगों ने अपनी कला और हुनर से दुनिया में बार-बार पहचान बनाई है। अजय रावत उसी परंपरा को आगे ले जा रहे हैं। पुष्कर जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक नगर से निकलकर किसी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना — यह उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है।
सैंड आर्ट एक ऐसी विधा है जिसमें कलाकार को बेहद कम समय में, बिना किसी स्थायी माध्यम के, रेत से भव्य आकृतियां बनानी होती हैं। इसमें धैर्य, कौशल और रचनात्मकता तीनों की जरूरत होती है। अजय ने यह साबित कर दिखाया है कि छोटे शहरों में भी ऐसा टैलेंट मौजूद है जो दुनिया के किसी भी कोने में अपनी छाप छोड़ सकता है।
सेशेल्स से लौटकर अजय रावत की यह उपलब्धि राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई है और उनके समर्थक उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।

