राजस्थान में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर जनसुनवाई का सिलसिला जारी है। झालावाड़ जिले में यह जनसुनवाई 8 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें आम नागरिक इस संहिता पर अपने विचार और सुझाव रख सकेंगे।
जनसुनवाई का मकसद क्या है
समान नागरिक संहिता एक ऐसा कानूनी ढांचा है जो देश के सभी नागरिकों पर जाति, धर्म या समुदाय से अलग — एक समान नियम लागू करता है। शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे निजी मामलों में अभी अलग-अलग धर्मों के अपने-अपने पर्सनल लॉ लागू होते हैं। UCC इन सबको एक कानून के दायरे में लाने की कोशिश है।
राजस्थान सरकार इस विषय पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जनसुनवाई करा रही है ताकि लोगों की राय जानी जा सके। झालावाड़ में होने वाली यह बैठक उसी कड़ी का हिस्सा है।
कौन जा सकता है और क्या होगा
जनसुनवाई में आम नागरिक, सामाजिक संगठन, महिला समूह और स्थानीय जनप्रतिनिधि भाग ले सकते हैं। लोग यहां समान नागरिक संहिता के प्रावधानों पर अपनी सहमति, असहमति या सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
- तारीख: 8 जुलाई
- जगह: झालावाड़ जिला
- मकसद: आम जनता से UCC पर राय और सुझाव लेना
- भागीदारी: नागरिक, संगठन और स्थानीय प्रतिनिधि
राजस्थान में UCC की स्थिति
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। राजस्थान में भी इस दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। सरकार पूरे प्रदेश में जिलेवार जनसुनवाई कराकर एक व्यापक जमीनी राय तैयार करना चाहती है।
झालावाड़ जैसे जिलों में यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां ग्रामीण और आदिवासी आबादी की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। उनकी राय इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
जनसुनवाइयों में मिले सुझावों को इकट्ठा कर सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद संबंधित समिति या विभाग इन सुझावों का अध्ययन करेगा और आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल यह सलाह-मशविरे का दौर है, कोई अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
झालावाड़ के निवासी 8 जुलाई को होने वाली इस जनसुनवाई में शामिल होकर इस अहम कानूनी विषय पर अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं।

