लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद राजस्थान के नगर निगम हरकत में आ गए हैं। जयपुर में एक कोचिंग सेंटर को सील किया गया है, जबकि जोधपुर में करीब 400 भवनों को नोटिस भेजे गए हैं। यह कार्रवाई उन इमारतों के खिलाफ की जा रही है जहां अग्नि सुरक्षा के इंतजाम अधूरे या नदारद पाए गए।
मामला क्या है
लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे देश को हिला दिया था। उस हादसे में कई लोगों की जान गई और इमारत में फायर सेफ्टी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। इसके बाद देशभर में नगर निकायों पर दबाव बना कि वे अपने-अपने शहरों में ऐसी लापरवाह इमारतों की जांच करें।
राजस्थान में इस चेतावनी को गंभीरता से लिया गया और निगम अधिकारियों ने तुरंत जांच अभियान शुरू किया।
जयपुर और जोधपुर में क्या हुआ
जयपुर में नगर निगम की टीम ने एक कोचिंग सेंटर को सीज कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस सेंटर में अग्निशमन उपकरण नहीं थे और इमारत की बनावट भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
वहीं जोधपुर में नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 400 भवन मालिकों को नोटिस थमाए हैं। इन सभी इमारतों में या तो फायर NOC नहीं है या फिर फायर सेफ्टी से जुड़ी जरूरी शर्तें पूरी नहीं की गई हैं।
- जयपुर में कोचिंग सेंटर सीज — सुरक्षा मानक पूरे नहीं थे
- जोधपुर में लगभग 400 भवनों को नोटिस जारी
- अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (NOC) न होना मुख्य कारण
- दोनों शहरों में निगम टीमें लगातार निरीक्षण में लगी हैं
किस पर होगा असर
यह अभियान सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं है। कमर्शियल बिल्डिंग, अस्पताल, स्कूल, होटल और बाजारों में बनी दुकानें — सभी की जांच की जा रही है। जहां भी खामियां मिल रही हैं, वहां नोटिस दिया जा रहा है और सुधार न होने पर सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है।
आने वाले दिनों में यह जांच और तेज होने की संभावना है। भवन मालिकों को तय समय सीमा में फायर NOC लेना होगा और सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने होंगे, वरना कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
अब आगे क्या
राजस्थान में नगर निगमों की इस मुहिम से साफ संकेत है कि लखनऊ जैसी दुर्घटना यहां न हो, इसके लिए प्रशासन अब सख्त रवैया अपना रहा है। भवन मालिकों के पास मौका है कि वे खुद आगे आएं और जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे करें, इससे पहले कि कानूनी कार्रवाई हो।

