राजस्थान की एक बेटी ने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IAS अफसर का ओहदा हासिल किया है। यह कामयाबी उन लाखों युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है जो कोचिंग के खर्च या सुविधा न होने के कारण सिविल सेवा का सपना छोड़ देते हैं।
क्या है पूरा मामला
देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में से एक UPSC को क्रैक करना आसान नहीं होता। ज्यादातर उम्मीदवार दिल्ली या किसी बड़े शहर में जाकर कोचिंग लेते हैं, जिसमें लाखों रुपये खर्च होते हैं। लेकिन राजस्थान की इस बेटी ने साबित किया कि अगर लगन और सही रणनीति हो तो कोचिंग के बिना भी यह मंजिल पाई जा सकती है।
उन्होंने घर पर रहकर ही सेल्फ-स्टडी के जरिए तैयारी की और UPSC की प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार — तीनों चरण सफलतापूर्वक पार किए।
कैसे की तैयारी
जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए NCERT की किताबें, सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध मटेरियल और ऑनलाइन संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल किया। टाइम मैनेजमेंट और नियमित रिवीजन को उन्होंने अपनी सफलता की बुनियाद बताया।
- घर पर रहकर सेल्फ-स्टडी से तैयारी
- NCERT और स्टैंडर्ड रेफरेंस बुक्स पर फोकस
- ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और फ्री डिजिटल संसाधनों का उपयोग
- करंट अफेयर्स के लिए अखबार और सरकारी पोर्टल
- नियमित मॉक टेस्ट और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस
राजस्थान के लिए क्यों खास है यह सफलता
राजस्थान में अभी भी बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा हैं जो आर्थिक तंगी या दूर-दराज के इलाकों में रहने की वजह से कोचिंग नहीं ले पाते। ऐसे में इस IAS अफसर की कहानी एक उम्मीद की किरण की तरह है।
राज्य में पहले भी कुछ युवाओं ने बिना कोचिंग सिविल सेवा पास की है, लेकिन हर बार ऐसी सफलता यह संदेश मजबूत करती है कि संसाधन नहीं, मेहनत और दिशा मायने रखती है।
युवाओं के लिए सीख
UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह उदाहरण बताता है कि महंगी कोचिंग एकमात्र रास्ता नहीं है। आज इंटरनेट पर बेहतरीन फ्री कंटेंट उपलब्ध है — जरूरत है तो बस सही प्लानिंग और अनुशासन की।
राजस्थान की इस बेटी की कामयाबी यही साबित करती है कि छोटे शहर या गांव से भी IAS बना जा सकता है, बशर्ते इरादा पक्का हो।

