राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में राजस्थान के खिलाड़ियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेश की झोली में कुल 15 पदक डाले। इसके साथ ही राजस्थान की टीम ने सब जूनियर बालक वर्ग में चैंपियन का खिताब भी अपने नाम कर लिया।
क्या रहा राजस्थान का प्रदर्शन
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे। इनके बीच राजस्थान के युवा पावरलिफ्टर्स ने अपनी ताकत और तकनीक से सभी को प्रभावित किया। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में पदक हासिल कर 15 पदकों का आंकड़ा छुआ।
सब जूनियर बालक वर्ग में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा। इस वर्ग में प्रदेश के खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीते, बल्कि समग्र अंकों के आधार पर चैंपियन का ताज भी पहना।
युवा खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई
पावरलिफ्टिंग में स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट — तीन प्रमुख लिफ्ट होती हैं और खिलाड़ी का कुल स्कोर इन तीनों में उठाए गए भार से तय होता है। राजस्थान के युवा खिलाड़ियों ने इन तीनों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया।
राज्य के खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मेहनत इस नतीजे में साफ दिखी। सब जूनियर स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन बताता है कि राजस्थान में पावरलिफ्टिंग की नई पीढ़ी तैयार हो रही है।
राजस्थान के लिए क्यों अहम है यह सफलता
राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की सफलता राजस्थान को पावरलिफ्टिंग के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करती है। जब राज्य के युवा खिलाड़ी देश के बेहतरीन एथलीटों को टक्कर देते हैं तो इससे आने वाली पीढ़ी को भी खेल की तरफ आकर्षित होने का मौका मिलता है।
- राजस्थान ने राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुल 15 पदक जीते
- सब जूनियर बालक वर्ग में राजस्थान ओवरऑल चैंपियन बना
- खिलाड़ियों ने कई अलग-अलग भार वर्गों में पदक हासिल किए
- युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने राज्य का नाम रोशन किया
इस जीत के बाद राजस्थान पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन और खिलाड़ियों के परिजनों में खुशी का माहौल है। आने वाले समय में ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने की ओर कदम बढ़ाएंगे।

