राजस्थान में चल रहे ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पौधारोपण का काम तेज हो गया है। इस बार सड़कों के बीच बने डिवाइडर पर पौधे लगाए गए और मौके पर मौजूद लोगों ने पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प भी लिया।
अभियान का मकसद क्या है
राजस्थान सरकार का यह अभियान प्रदेश को हरा-भरा बनाने की एक बड़ी कोशिश है। गर्मी और सूखे से जूझते इस रेगिस्तानी राज्य में पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाना जरूरी माना जाता है। इसीलिए सरकार ने ‘हरियालो राजस्थान’ जैसी मुहिम शुरू की, जिसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जोड़ा जा रहा है।
शहरों में जहां जमीन की कमी रहती है, वहां सड़क किनारे डिवाइडर पर पौधे लगाना एक व्यावहारिक तरीका माना जा रहा है। इससे शहर का तापमान थोड़ा कम होता है और सड़क का माहौल भी बेहतर दिखता है।
कैसे हो रहा है पौधारोपण
अभियान के तहत स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और सामाजिक संगठन मिलकर काम कर रहे हैं। डिवाइडर पर उन पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है जो कम पानी में भी जी सकें और जल्दी बढ़ें। इस तरह के पौधे राजस्थान की जलवायु के लिए ज्यादा उपयुक्त होते हैं।
- सड़क डिवाइडर पर पौधारोपण किया गया
- पर्यावरण संरक्षण का सार्वजनिक संकल्प लिया गया
- सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर भाग ले रही हैं
- कम पानी में पनपने वाले पौधों को प्राथमिकता
क्यों जरूरी है यह मुहिम
राजस्थान देश के सबसे गर्म और शुष्क राज्यों में से एक है। हर साल गर्मियों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला जाता है। ऐसे में पेड़ों की संख्या बढ़ाना सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी के लिए भी जरूरी है। पेड़ छाया देते हैं, हवा साफ करते हैं और जमीन में पानी बनाए रखने में मदद करते हैं।
प्रदेश सरकार इस अभियान को लंबे समय तक चलाने की योजना बना रही है ताकि सिर्फ पौधे लगाने तक बात न रहे, उनकी देखभाल भी हो सके।
आगे क्या
अभियान के तहत आने वाले समय में और इलाकों में भी पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों को भी इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। अगर पौधों की सही देखभाल हो तो यह अभियान राजस्थान की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।
‘हरियालो राजस्थान’ अभियान फिलहाल जमीन पर सक्रिय दिख रहा है — असली परीक्षा इन पौधों को जिंदा रखने की होगी।

