ऑपरेशन सिंदूर में अपनी जान देने वाले 6 भारतीय जवानों के नाम केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर भी दर्ज कर दिए गए हैं, जो देश के उन सभी वीरों की याद में बना है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में प्राण न्यौछावर किए।
कौन थे ये छह वीर
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इन छह शहीदों में से पांच भारतीय थल सेना के जवान थे, जबकि एक जवान भारतीय वायुसेना से था। इन्हीं में से दो जवानों को मरणोपरांत वीरता सम्मान से भी नवाजा गया है।
- कुल शहीद: 6 जवान
- थल सेना के जवान: 5
- वायुसेना का जवान: 1
- वीरता सम्मान: 2 जवानों को मरणोपरांत
- नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए गए
बिहार के बक्सर जिले के शहीद सुनील सिंह का नाम भी इन्हीं जवानों में शामिल है। उन्हें राष्ट्रीय सम्मान मिला और उनका नाम वॉर मेमोरियल में दर्ज किया गया।
अब तक नाम क्यों नहीं आए सामने
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान को लेकर सरकार ने शुरू में जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। सैन्य अभियानों के दौरान यह एक आम प्रक्रिया है — संवेदनशील जानकारी को तुरंत जाहिर नहीं किया जाता। लेकिन अब जब ऑपरेशन पूरा हो चुका है और हालात स्थिर हैं, तो सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान में और देश को सूचित करने के लिए नाम जारी किए।
नेशनल वॉर मेमोरियल पर नाम दर्ज होना इन जवानों के बलिदान की आधिकारिक स्वीकृति है। यह मेमोरियल देश की राजधानी में स्थित है और यहां उन सभी सैनिकों के नाम अंकित हैं जिन्होंने आजादी के बाद देश के लिए जान दी।
परिवारों और देश के लिए क्या मायने रखता है यह
शहीद जवानों के परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक है। नाम सार्वजनिक होने से उनके बलिदान को राष्ट्रीय मान्यता मिली है। जिन दो जवानों को वीरता सम्मान दिया गया है, उनके परिजनों को यह पुरस्कार मिलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले इलाकों में आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान था। इसमें भारतीय सेना और वायुसेना दोनों ने हिस्सा लिया था।
आगे क्या
सरकार की ओर से शहीदों के परिवारों को नियमानुसार मुआवजा और सुविधाएं दी जाएंगी। वीरता सम्मान पाने वाले जवानों के परिजनों को औपचारिक समारोह में सम्मान दिया जाएगा। देशभर में इन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
इन छह जवानों के नाम अब नेशनल वॉर मेमोरियल की उस सूची का हिस्सा बन गए हैं जो हर भारतीय को याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा की कीमत क्या होती है।

