राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में तैनात करीब 600 डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर गैरहाजिर पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब इन डॉक्टरों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। झुंझुनूं जिले के 23 चिकित्सकों के नाम भी इस सूची में हैं।
मामला क्या है
राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित जांच के दौरान यह सामने आया कि सैकड़ों डॉक्टर अपनी तैनाती वाली जगह पर मौजूद नहीं थे। विभाग ने जब ऐसे चिकित्सकों की सूची तैयार की तो संख्या करीब 600 तक पहुंच गई। यह आंकड़ा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि राजस्थान के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है और ऐसे में जो तैनात हैं वे भी गायब रहें तो मरीजों को सीधा नुकसान होता है।
झुंझुनूं जिले से कुल 23 डॉक्टर इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी सरकारी सेवा में हैं लेकिन ड्यूटी पर नहीं मिले।
विभाग ने क्या कदम उठाए
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। जानकारी के अनुसार विभाग ने ऐसे सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी करने और जवाब मांगने की प्रक्रिया शुरू की है। जो चिकित्सक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहे उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
- करीब 600 डॉक्टर राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी से नदारद मिले
- झुंझुनूं जिले के 23 चिकित्सकों के नाम सूची में दर्ज
- स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर कार्रवाई का संकेत दिया
- अनुपस्थित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है
मरीजों पर क्या असर
सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले ज्यादातर लोग गरीब तबके या ग्रामीण इलाकों से आते हैं जो प्राइवेट अस्पताल का खर्च नहीं उठा सकते। जब डॉक्टर ही नहीं मिलते तो इन मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ता है या दूर जाना पड़ता है। ऐसे में डॉक्टरों का बिना कारण गायब रहना सीधे तौर पर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ है।
राजस्थान में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पहले से चिंताजनक मानी जाती है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां और सुविधाओं की कमी की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में 600 डॉक्टरों का ड्यूटी से गायब होना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
विभाग के रुख से साफ है कि इस बार मामले को दबाया नहीं जाएगा। जो डॉक्टर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाएंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। इसमें वेतन कटौती से लेकर निलंबन तक के विकल्प मौजूद हैं।
फिलहाल विभाग सूची की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में और स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

