राजस्थान CID ने ISI के फंडिंग एजेंट को किया गिरफ्तार

राजस्थान सीआईडी ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले एक फंडिंग एजेंट को गिरफ्तार किया है। जानें पूरा मामला।

राजस्थान CID ने ISI के फंडिंग एजेंट को किया गिरफ्तार

राजस्थान की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए फंडिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

मामला क्या है

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी ISI के इशारे पर काम कर रहा था। उसका काम था कि ISI की ओर से आने वाली रकम को भारत के भीतर अलग-अलग माध्यमों से आगे पहुंचाए। सीआईडी को इस नेटवर्क की भनक लंबे समय से थी और कई दिनों की निगरानी के बाद यह गिरफ्तारी हुई।

राजस्थान, पाकिस्तान की सीमा से सटा राज्य है। इसी वजह से यहां सुरक्षा एजेंसियां खुफिया गतिविधियों पर हमेशा नजर रखती हैं। सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल कई बार जासूसी नेटवर्क के लिए किया जाता रहा है।

ISI फंडिंग नेटवर्क कैसे काम करता है

ISI के ऐसे नेटवर्क आमतौर पर हवाला, मोबाइल वॉलेट या किसी मध्यस्थ के जरिए पैसा भेजते हैं। एजेंट को पैसा मिलता है और उसे तय लोगों या संगठनों तक पहुंचाना होता है। इस पूरे चक्र में शामिल लोगों को अक्सर शुरू में यह काम छोटा या कमाई का जरिया लगता है, लेकिन असल में वे देशद्रोह के मामले में फंस जाते हैं।

  • फंडिंग अक्सर हवाला या डिजिटल माध्यम से होती है
  • एजेंट सीधे ISI से नहीं, बल्कि बिचौलियों से जुड़े होते हैं
  • सीमावर्ती राज्यों में ऐसे नेटवर्क ज्यादा सक्रिय पाए जाते हैं
  • इनका मकसद भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए रकम उपलब्ध कराना होता है

अब आगे क्या होगा

गिरफ्तार एजेंट से पूछताछ जारी है। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं और अब तक कितनी रकम किन-किन जगहों तक पहुंची। इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।

राजस्थान में बढ़ती सतर्कता

हाल के महीनों में राजस्थान में सुरक्षा एजेंसियां खुफिया गतिविधियों को लेकर काफी सतर्क हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल में सीमावर्ती राज्यों में खुफिया नेटवर्क को लेकर अलर्ट पहले से जारी था। इस गिरफ्तारी को उसी सतर्कता का नतीजा माना जा रहा है।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क भारत के भीतर अपनी जड़ें जमाने की कोशिश करते रहते हैं और ऐसे में खुफिया एजेंसियों की भूमिका कितनी जरूरी है।

Share this:

About ReachMyBharat News Desk

ReachMyBharat News Desk writes for reachmybharat.com covering latest news and government schemes.

View all posts →

0 Comments

No comments yet.