राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की अटकलें तेज हैं और इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ कर दिया है कि वे अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने कहा — ‘चिंता मत करो, मैं कहीं नहीं जा रहा।’
क्या है पूरा मामला
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार नहीं है और पार्टी विपक्ष में बैठी है। ऐसे में पार्टी के भीतर से समय-समय पर संगठन में बदलाव की मांग उठती रही है। इन दिनों फिर से चर्चा चल रही है कि प्रदेश स्तर पर कुछ बड़े बदलाव हो सकते हैं और नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इन्हीं चर्चाओं के बीच डोटासरा का यह बयान अहम हो जाता है। उन्होंने इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनके जाने की कोई बात नहीं है।
डोटासरा का संदेश किसके लिए
गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और सीकर जिले से उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे शिक्षक नेता की पृष्ठभूमि से आते हैं और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में उनकी अच्छी साख है।
उनका यह बयान उन अफवाहों की काट के रूप में देखा जा रहा है जो पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह फैल रही थीं। कार्यकर्ताओं में जो असमंजस था, उसे दूर करने की कोशिश उन्होंने इस एक लाइन से की।
राजस्थान कांग्रेस की मौजूदा स्थिति
2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस खुद को फिर से खड़ा करने में जुटी है। पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं:
- संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना
- गुटबाजी की खबरों पर लगाम लगाना
- आगामी स्थानीय चुनावों की तैयारी
- नई पीढ़ी के नेताओं को जिम्मेदारी देना
इन हालात में जब भी नेतृत्व बदलाव की चर्चा उठती है, कार्यकर्ता सशंकित हो जाते हैं। डोटासरा का बयान इसी माहौल में आया है।
आगे क्या
कांग्रेस हाईकमान राजस्थान समेत कई राज्यों में संगठन की समीक्षा करती रहती है। ऐसे में यह देखना होगा कि आने वाले हफ्तों में पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा होती है या नहीं। फिलहाल डोटासरा ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।
राजस्थान कांग्रेस के लिए यह वक्त एकजुटता दिखाने का है, क्योंकि बिखरे हुए विपक्ष का फायदा हमेशा सत्ताधारी दल को मिलता है।

